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MSMEs की वजह से देश बन रहा है मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी केंद्र | देवेंद्र फड़नवीस

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) देश को एक विनिर्माण और प्रौद्योगिकी केंद्र बनाने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। एमएसएमई सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार इस सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

मुंबई स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिजाईन ऑफ़ इलेक्ट्रिकल मेश़रिंग इंस्ट्रूमेंट में एमएसएमई प्रौद्योगिकी केंद्र की आधारशिला रखते हुए फड़नवीस ने कहा कि देश औद्योगिक क्रांति कि दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिसमें एमएसएमई का योगदान उल्लेखनीय है। एमएसएमई सेक्टर की ग्रोथ में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। जिसकी वजह एमएसएमई का अपने कार्य के प्रति लगन और ईमानदारी है।

उन्होंने कहा कि सरकार यांत्रिक, विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में कौशल-प्रशिक्षण केंद्रों को स्थापित कर रही है। इन संस्थान में 10,000 छात्रों को हर साल 100 प्रतिशत नियुक्ति के साथ प्रशिक्षित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी की मेक इन इंडिया पहल को देश के विकास के लिए लाभकारी बताते हुए मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल और ‘कौशल भारत’ मिशन एक दूसरे जुड़े हुए है। और यह देश की प्रगति के लिए उपयोगी होगा।

उन्होंने आगे कहा कि भारत को उन्नत प्रौद्योगिकियों के पावर सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए हमें गुणवत्ता सुधार पर अधिक जोर देने की आवश्यकता है। जिससे की देश व्यापारिक व्यवस्था में तेजी आये।

इस अवसर पर केंद्रीय एमएसएमई मंत्री कलराज मिश्र, महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई और मुंबई उत्तर-मध्य से लोकसभा सांसद पूनम महाजन, आदि मौजूद थे।