पहली तिमाही में बिजनेस कॉन्फिडेंस कमजोर, इनवेस्टमेंट में कमी है कारण


नई दिल्ली. शुरू हुए वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में बिजनेस कॉन्फिडेंस में गिरावट दर्ज की जा रही है। एक सर्वे में सामने आया है कि इसका मुख्य कारण खपत और निवेश में कमी है। पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 2.6 फीसदी […]


steel-1नई दिल्ली. शुरू हुए वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में बिजनेस कॉन्फिडेंस में गिरावट दर्ज की जा रही है। एक सर्वे में सामने आया है कि इसका मुख्य कारण खपत और निवेश में कमी है। पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 2.6 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।

डी एंड बी कम्पोजिट बिजनेस ऑप्टिमिज्म इंडेक्स अप्रैल-जून 2017 में 78.9 अंक पर रहा। यह एक साल पहले की तुलना में 2.6 फीसदी कम है। इस इंडेक्स में पिछले 31 तिमाही की सबसे बड़ी कमी जनवरी से मार्च 2017 के दौरान थी। इसका सबसे बड़ा कारण नोटबंदी के बाद नकदी की कमी इसका सबसे बड़ा कारण रहा।

जीएसटी से काफी उम्मीदें 

डी एंड बी कम्पोजिट बिजनेस ऑप्टिमिज्म इंडेक्स के मुख्य अर्थशास्त्री अरुण सिंह ने बताया कि तेजी से हुए रीमोनिटाइजेशन से नकदी की स्थिति सुधरी है। इससे 2017 की दूसरी तिमाही में बिजनेस कॉन्फिडेंस में सुधार की उम्मीद दिख रही है। दूसरी तिमाही में सुधार का कारण हाल ही में चुनाव में बीजेपी को मिली जीत और जीएसटी को लागू होने की उम्मीद भी है। जीएसटी के लागू होने से बड़े कारोबारियों की टैक्स से जुड़ी दिक्कतें कम होंगी। हालांकि एमएसएमई को अभी जीएसटी के हिसाब से टेक्नॉलाजिकली एडवांस्ड होने में समय लगेगा।

मौसम है चिंता का कारण 

अल नीनो के चलते होने वाले नुकसान और इससे खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका फिलहाल सबसे बड़ी चिंता हैं। ऐसे में सरकार की तरफ से जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति की व्यवस्था सबसे अहम रोल निभाएगी। सरकार अगर इस मामले में ठीक से निपटती है तो बिजनेस कॉन्फिडेंस पर पॉजिटिव असर रहेगा।

6 मानकों पर होता है सर्वे 

नेट सेल्स, नेट प्रॉफिट, सेलिंग प्राइस, न्यू आर्डर, इनवेन्टरी और कर्मचारियों का स्तर यह 6 अहम मानक हैं, जिन पर इस सर्वे को किया गया है।

Source: Money Bhaskar

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